लखनऊ. उत्तर प्रदेश में इन दिनों एक नए किस्म का व्यापार तेजी पर है. ये व्यापर है लड़कियों के मोबाईल नंबर बेचने का. जाहिर सी बात ये है कि ये धंधा कानूनी नहीं है बल्कि चोरी छुपे ये कारोबार अपनी जड़े जमा रहा है.
इस धंधे में बड़ी संख्या में वे लोग शामिल हैं जो मोबाईल रिचार्ज का बिजनेस करते हैं. ये शातिर दिमाग लोग रिचार्ज करने आई लड़कियों के नंबर चुपचाप रख लेते हैं और फिर उसे सेक्स्सुअली विकृत दिमाग वाले लोग मुहमांगी कीमत पर खरीदते हैं.
इस बात की तस्दीक खुद यूपी पुलिस ने की है. इस धंधे का खुलासा हुआ महिला हेल्प लाईन के 1090 काल सेंटर से. महिला हेल्पलाइन पर 15 नवंबर 2012 से 31 दिसंबर 2016 के बीच कुल 661129 शिकायतें दर्ज कराई गईं. इनमें से 582854 शिकायतें टेलीफ़ोन पर परेशान करने को लेकर थीं.
जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब इस मामले की तहकीकात की गयी तो पता चला कि काल करने वालों में एक बड़ी संख्या उन लोगो की है जिन्होंने लड़कियों के नंबर खरीदे हैं. इस धंधे में फोन नंबर की कीमत लड़कियों की शक्ल सूरत के हिसाब से तय की जाति है. ख़ूबसूरत और बिंदास लड़कियों के नंबर ऊँची कीमत पर बिकते हैं.
मनोविज्ञान की विशेषग्य डा. नीरजा कहती है कि एकल परिवारों का अकेलापन और बड़ी संख्याम में छोटे शहरो से पढाई के लिए आने वाले लडके पहली बार खुद अपनी पसंद की लड़की से सीधे बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते. इसके अलावा कई बार ऐसा भी होता है कि इस तरह की काल आने के बाद कुछ लड़किया घबरा जाति थी और एक छोटी संख्या उन लड़कियों की भी है जो इस अद्वेंचार को टाईम पास का जरिया बना लेती थी. मगर अब खतरों से जागरूकता ने और 1090 की सहूलियत ने उनके एक जगह दे दी है जहाँ वे शिकायत कर सके.

No comments:
Post a Comment