ब्रेक न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज
फरेंदा थाना में सड़ रहे वाहन करीब दस वर्ष से ज्यादा के समय के वाहन वहीं के वही पड़े हुए है। पुलिस विभाग अगर इन वाहनों की नीलामी समय से करा देती तो राजस्व का भी फायदा विभाग को मिल जाता। लेकिन विभाग के तरफ से कुछ दिन पूर्व मात्र सात लावारिस वाहनों को नीलाम के लिए एसडीएम को आदेश पारित करने के लिए भेजा गया है। जबकि आरटीओ के द्वारा सबसे ज्यादा वाहन पकड़ कर थाने में रखा है।
रख-रखाव के अभाव में कबाड़ हो रहे वाहन
जिसका नतीजा है कि खराब रखरखाव के कारण कुछ ही दिनों में वह वाहन कबाड़ के भाव बिकने को मजबूर हो गये। पुलिस द्वारा पकड़े गये संदिग्ध वाहन, चोरी तथा अपराध में प्रयुक्त वाहनो की संख्या लगभग दो सौ होगी। प्रतिवर्ष करीब दो दर्जन वाहन दुर्घटना, लावारिस, व अपराध में प्रयोग किए गए वाहन थाने में आते हैं। जो मुकदमे के पेंच व न्यायालय के आदेश के इंतजार में बेकार पड़े हुए है।
अधिकतर वाहन के तो वारिसों की मौत हो जाने के कारण वह भी वाहन कबाड़ हो रही है। टूटे वाहन के वारिस की खोज में पुलिस भी अपनी फाइल बंद कर दी। थाने में वाहनों की रखरखाव के लिए टीन सेड का होना भी जरूरी होता है लेकिन सर्किल के किसी भी थाने पर वाहनों के रखने के लिए छत नहीं है। उसी का नतीजा है कि गर्मी, बरसात व जाडें के मौसम में वाहन सड़ रहे हैं। अगर विभाग इन वाहनों की नीलामी करा देता तो इसका फायदा आम लोगों को भी मिल जाता।
जिले के कई थानों में वाहनों की नीलामी ना होने से थाने परिसर में खड़े वाहन सड रहे है ।लाखो के वाहन अब कबाड़ के भाव बिकेंगे
एसओ दिलीप कुमार शुक्ला ने बताया कि लावारिस सात वाहनो की नीलामी के आदेश के लिए एसडीएम को पत्र भेजा गया है। निर्देश के बाद नीलाम कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट : राम बहादुर ब्रेक न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज
फरेंदा थाना में सड़ रहे वाहन करीब दस वर्ष से ज्यादा के समय के वाहन वहीं के वही पड़े हुए है। पुलिस विभाग अगर इन वाहनों की नीलामी समय से करा देती तो राजस्व का भी फायदा विभाग को मिल जाता। लेकिन विभाग के तरफ से कुछ दिन पूर्व मात्र सात लावारिस वाहनों को नीलाम के लिए एसडीएम को आदेश पारित करने के लिए भेजा गया है। जबकि आरटीओ के द्वारा सबसे ज्यादा वाहन पकड़ कर थाने में रखा है।
रख-रखाव के अभाव में कबाड़ हो रहे वाहन
जिसका नतीजा है कि खराब रखरखाव के कारण कुछ ही दिनों में वह वाहन कबाड़ के भाव बिकने को मजबूर हो गये। पुलिस द्वारा पकड़े गये संदिग्ध वाहन, चोरी तथा अपराध में प्रयुक्त वाहनो की संख्या लगभग दो सौ होगी। प्रतिवर्ष करीब दो दर्जन वाहन दुर्घटना, लावारिस, व अपराध में प्रयोग किए गए वाहन थाने में आते हैं। जो मुकदमे के पेंच व न्यायालय के आदेश के इंतजार में बेकार पड़े हुए है।
अधिकतर वाहन के तो वारिसों की मौत हो जाने के कारण वह भी वाहन कबाड़ हो रही है। टूटे वाहन के वारिस की खोज में पुलिस भी अपनी फाइल बंद कर दी। थाने में वाहनों की रखरखाव के लिए टीन सेड का होना भी जरूरी होता है लेकिन सर्किल के किसी भी थाने पर वाहनों के रखने के लिए छत नहीं है। उसी का नतीजा है कि गर्मी, बरसात व जाडें के मौसम में वाहन सड़ रहे हैं। अगर विभाग इन वाहनों की नीलामी करा देता तो इसका फायदा आम लोगों को भी मिल जाता।
जिले के कई थानों में वाहनों की नीलामी ना होने से थाने परिसर में खड़े वाहन सड रहे है ।लाखो के वाहन अब कबाड़ के भाव बिकेंगे
एसओ दिलीप कुमार शुक्ला ने बताया कि लावारिस सात वाहनो की नीलामी के आदेश के लिए एसडीएम को पत्र भेजा गया है। निर्देश के बाद नीलाम कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट : राम बहादुर ब्रेक न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज
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