ब्रेक न्यूज़ ब्यूरो
बाराबंकी :
थाना असन्द्रा क्षेत्र दहेज में बाइक न पाने से दहेज लोभियों ने एक विवाहिता को दिन केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर अवस्था में उसके परिवारीजन जिला अस्पताल ले गए जहां उसे लखनऊ रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान शुक्रवार देर रात उसकी मौत हो गई। मृतका के चाचा ने थाना असन्द्रा में नामजद तहरीर दी है।
थाना दरियाबाद क्षेत्र के ग्राम बक्सूपुर निवासी चन्द्रपाल रावत ने अपनी पुत्री भानूमती की शादी तीन वर्ष पूर्व थाना असन्द्रा क्षेत्र के ग्राम जमौली ब्रहम्नान के बृजेश कुमार के साथ की थी। शादी के समय चन्द्रपाल ने हैसियत के अनुसार दहेज भी दिया था लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष के लोग खुश नहीं थे।
कुछ माह पूर्व चन्द्रपाल ने छोटी लड़की गुड़िया की शादी की और दहेज में बाइक दी तो बृजेश ने भी पत्नी भानूमती से कहा कि मुझे भी तुम्हारे घर वाले मोटर साइकिल दें नहीं तो अच्छा नहीं होगा। एक सप्ताह पूर्व इसी बात को लेकर बृजेश पत्नी को मायके छोड़ आया था।
कल सुबह जब भानूमती के भाई सन्दीप ने कहा कि परेशान न हो आपको भी मोटर साइकिल दे दूंगा। इसके बाद (27 मई) शुक्रवार की दोपहर को बृजेश अपनी पत्नी को मायके से विदा कराकर घर ले आया। शाम करीब 5 बजे विवाद हुआ और गुस्से में आकर बृजेश और उसके घर के अन्य सदस्यों ने मिट्टी का तेल डालकर भानूमती को जिंदा जला दिया।
घटना के बाद मौके से तीनों लोग फरार हो गए। गांव वालों ने इसकी सूचना मायके वालों को फोन पर दी। सूचना मिलने पर मायके वाले पहुंचे तो भानुमती की हालत बहुत गंभीर थी। उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया।
शुक्रवार देर रात करीब एक बजे सिविल अस्पताल में भानूमती की मौत हो गई।
कुछ माह पूर्व चन्द्रपाल ने छोटी लड़की गुड़िया की शादी की और दहेज में बाइक दी तो बृजेश ने भी पत्नी भानूमती से कहा कि मुझे भी तुम्हारे घर वाले मोटर साइकिल दें नहीं तो अच्छा नहीं होगा। एक सप्ताह पूर्व इसी बात को लेकर बृजेश पत्नी को मायके छोड़ आया था।
कल सुबह जब भानूमती के भाई सन्दीप ने कहा कि परेशान न हो आपको भी मोटर साइकिल दे दूंगा। इसके बाद (27 मई) शुक्रवार की दोपहर को बृजेश अपनी पत्नी को मायके से विदा कराकर घर ले आया। शाम करीब 5 बजे विवाद हुआ और गुस्से में आकर बृजेश और उसके घर के अन्य सदस्यों ने मिट्टी का तेल डालकर भानूमती को जिंदा जला दिया।
घटना के बाद मौके से तीनों लोग फरार हो गए। गांव वालों ने इसकी सूचना मायके वालों को फोन पर दी। सूचना मिलने पर मायके वाले पहुंचे तो भानुमती की हालत बहुत गंभीर थी। उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया।
शुक्रवार देर रात करीब एक बजे सिविल अस्पताल में भानूमती की मौत हो गई।

No comments:
Post a Comment